जेजेएम घोटाला: पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल की तलाश में एसीबी का 'ऑपरेशन रफ़्तार'
ACB's 'Operation Raftaar' in search of former IAS Subodh Agarwal
जयपुर: ACB's 'Operation Raftaar' in search of former IAS Subodh Agarwal, राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन केस में ACB लगातार एक्शन मोड को तेज कर रही है। जेजेएम घोटाले में फरार पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की तलाश अब रेपिड मोड में चल रही है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) विशेष टीमों बनाकर सघन सर्च ऑपरेशन को लगातार जारी रखे हुए है। एसीबी के सर्च अभियान के दौरान एसीबी की टीमें राजस्थान सहित कई राज्यों में एक साथ दबिश दी हैं। अब तक 21 शहरों में 100 से अधिक संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। इस रेड में जयपुर, उदयपुर, बाड़मेर, जोधपुर, झालावाड़, कोटा, नागौर, विराटनगर, निवाई, देवली, आमेर और गंगापुर सिटी जैसे शहर शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और सोहना समेत अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई की गई है।
रिश्तेदारों के घर से लेकर होटलों तक में तलाशी
सूत्रों के मुताबिक 40 से अधिक प्रमुख स्थानों पर विशेष रूप से तलाशी अभियान चलाया गया है। फरार रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल को लेकर जिन ठिकानों पर दबिश दी गई, उनमें आरोपी के रिश्तेदारों के घर, दोस्तों के आवास, फार्महाउस, होटल और संभावित ठहरने के स्थान शामिल हैं। एसीबी की टीमें इन सभी स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही ACB की टीम उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
50 लोगों से पूछताछ की जा चुकी
यह भी बताया जा रहा है कि जांच के दौरान अब तक करीब 50 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें आरोपी के रिश्तेदार, करीबी मित्र, ड्राइवर, कारोबारी सहयोगी और अन्य संपर्क शामिल हैं। इसके अलावा चार अन्य व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया है, जिनसे अहम जानकारी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जो फरार रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल में मदद करेंगे।
लोकेशन खोजने के लिए टेक्निकल टीम भी कर रही काम
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश में तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है। मोबाइल लोकेशन, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। साथ ही स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर इनपुट जुटाए जा रहे हैं। विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई को और प्रभावी बनाया गया है। एसीबी का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिलेगी।